शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति का खुलासा, फर्जी लेटर पर 4 बर्खास्त

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के शिक्षा विभाग में सामने आया फर्जी नियुक्तियों का मामला अब बड़े प्रशासनिक घोटाले का रूप ले चुका है। जांच में खुलासा हुआ है कि कूटरचित नियुक्ति आदेशों के सहारे कम से कम 9 लोग शासकीय सेवा में घुसे, वर्षों तक नियमित वेतन उठाते रहे और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामले के उजागर होते ही विभाग में हड़कंप मच गया है।
सहायक ग्रेड-3 की जांच से खुली फर्जीवाड़े की परतें
मामले की जांच की शुरुआत सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत टीकम चंद साहू से हुई। दस्तावेजों में उनकी नियुक्ति राज्य शिक्षा आयोग, रायपुर के आदेश से दर्शाई गई थी।
हालांकि जब आदेश का आधिकारिक सत्यापन कराया गया, तो यह साफ हो गया कि ऐसा कोई नियुक्ति आदेश कभी जारी ही नहीं हुआ था।
नियुक्ति आदेश पूरी तरह फर्जी और कूटरचित
राज्य स्तर से प्राप्त जवाब में स्पष्ट किया गया कि
- आदेश क्रमांक 34 दिनांक 09.09.2021 नियुक्ति से संबंधित नहीं है
- नियुक्ति पत्र पर किए गए हस्ताक्षर मूल अभिलेखों से मेल नहीं खाते
- प्रस्तुत आदेश पूरी तरह फर्जी और कूटरचित है
इसके बाद मामले को गंभीर अनियमितता मानते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई।
फर्जी नियुक्ति के बाद भी जारी हो गए पदस्थापना आदेश
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि नियुक्ति फर्जी होने के बावजूद मंत्रालय स्तर से पदस्थापना आदेश जारी कर दिए गए। इसके तहत—
- टीकम चंद साहू – शासकीय हाई स्कूल मोहगांव
- फगेन्द्र सिन्हा – शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बकरकट्टा
- रजिया अहमद – शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पैलीमेटा
- अजहर अहमद – बीईओ कार्यालय छुईखदान
- सी.एच. एन्थोनी अम्मा – शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल ठाकुरटोला
में पदस्थापना कर दी गई।
जॉइनिंग नहीं दी, फिर भी रिकॉर्ड में बना रहा नाम
जांच में यह भी सामने आया कि एक कर्मचारी ने कभी जॉइनिंग ही नहीं दी, इसके बावजूद उसका नाम वर्षों तक शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज रहा। इससे विभागीय लापरवाही और मिलीभगत की आशंका और गहरा गई है।
रिकवरी, जवाबदेही और अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी
प्रशासन ने अब
- फर्जी नियुक्तियों से जुड़े सभी कर्मचारियों के सेवा अभिलेख खंगालने
- वेतन भुगतान की रिकवरी पर विचार
- फाइलें आगे बढ़ाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने
की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विजिलेंस जांच और आपराधिक केस की संभावना
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में विजिलेंस जांच और आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की पूरी संभावना है।
4 कर्मचारियों की सेवा समाप्त
फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी लालजी द्विवेदी ने फर्जी नियुक्ति के आधार पर नौकरी कर रहे 4 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। मामले की जांच अभी जारी है।
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के शिक्षा विभाग में सामने आया फर्जी नियुक्तियों का मामला अब बड़े प्रशासनिक घोटाले का रूप ले चुका है। जांच में खुलासा हुआ है कि कूटरचित नियुक्ति आदेशों के सहारे कम से कम 9 लोग शासकीय सेवा में घुसे, वर्षों तक नियमित वेतन उठाते रहे और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामले के…